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Rated: E · Lyrics · Biographical · #2033774
A poem about me
उनके आलिंगन में


कभी हमारी मुस्कान उनके आलिंगन में खेला करती थी
कभी हमारी नटखट सी बातें उस घर में फैला करती थीं

कभी उदास हमारा मन हो जाता
जिसे देख उनका धैयॆ खो जाता
तब उनकी वो बातें हमारा धैयॆ बंधाया करती थीँ

कभी हमारी मुस्कान.........


उनका समझाना और हामारा समझना
एक आदत सी बन गई थी
कभी उनकी जिन्दगी का हर पहलू
हमारा आइना बन गई थी

कभी नाराज हुआ जब उनसे
कभी मनाया जब सबने मिल के
कभी हमारी नादानी उनको परेशान किया करती थी

कभी हमारी मुस्कान.........


जब दूर हुआ मै उनसे
लगा कि दूर हुआ मै खुद से
कभी उन्हें परेशान देख आखें भर आया करती थीँ



कभी हमारी मुस्कान.........
© Copyright 2015 Feelings (nasashivom at Writing.Com). All rights reserved.
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