जानणे के लिए मैं कोई खास नहीं
शकलं सुरत भी पाई कुछ खास नहीं
आई हू इस दुनिया में लेकिन
क्या उखाडुंगी कोई idea नहीं
सोचा रूप रंग ना सही पर जुबान तो पाई
करके use लब्जो का दिया उसे emotion का तडका
तो मिली recipe in the form of poetry, shayari, et cetera.